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Showing posts from March, 2020

कविता- कोरोना से डरो ना : By - Dr Seema Singh

    कोरोना वायरस कोरोना से डरो ना , बार-बार कहती हूँँ कि कोरोना से डरो ना !  ये एक वायरस है, जो चीन से है फैला डराता है उन सभी को, जो हाथ रखें मैला ! बार-बार हाथ धो लो साबुन, हैंडवॉश ले लो गंदे हों तब भी धो लो ना हों गंदे तब भी धो लो हाथ गंदेे रखो ना कोरोना से डरो ना ! बिना हाथ, रुूमाल ,टिशू के खुले में छींको, खाँसो ना नमस्ते दूर से कर लो किसी से हाथ मिलाओ नाा बिना बात के ऐसे ही मुँँह,नाक और आँख बार-बार तुम छुओ ना कोरोना से डरो ना ! जिसको भी हो जुकाम जरा सा उसके पास बैठो ना उससे बोलो मास्क लगाए, कहने में शरमाओ ना खाँँसी हो, बुखार हो सिर दर्द हो या बदन दर्द अगर दिखा है  कोई लक्षण फौरन तुम हॉस्पिटल जाओ ये है बहुत जरूरी बात लापरवाही बरतो ना कोरोना से डरो ना! जहाँ भीड़ हो, मास्क लगाओ लोगों सेे तुम दूूूरी बनाओ काम जरूरी यदि हो ना भीड़ में तुम जाओ ना कोरोना से डरो ना ! सब्जी,फल सब ठीक सेे धो लो अधपका कुुुछ खाओ ना कुछ दिन घर में ही रह लो कहीं घूमने जाओ ना तापमान जब बढ़ता है कोरोना भी डरता है हो सके गर मुमकिन तो ठंडा खाओ पियो ना कोरोना से डरो ना ! बार-बार कहती हूँँ कि को...